कहानी नं. 2 · बुर्किना फ़ासो
वह किसान जिसने खोदकर जंगल उगा दिया
- देश
- बुर्किना फ़ासो (गुर्गा, उआहिगुया के पास)
- कौन
- याकूबा सवादोगो, एक किसान और पहले बाज़ार के व्यापारी
- कब
- 1946 से 2023
कहानी
याकूबा सवादोगो का जन्म 1946 में उत्तरी बुर्किना फ़ासो के छोटे-से गाँव गुर्गा में हुआ। उनके पिता किसान थे। बचपन में कुरान स्कूल की अपनी कक्षा में वे सबसे छोटे थे, और इस वजह से उन्हें चिढ़ाया जाता था।
जवानी में उन्होंने पास के शहर उआहिगुया के बाज़ार में एक दुकान खोली। वे मोटरसाइकिल के पुर्ज़े बेचते थे। वे एक व्यापारी थे, पर्यावरणवादी नहीं।
फिर बारिश कम होने लगी। 1970 के दशक में इलाके में सूखा और अकाल पड़ा, और उनके गाँव के आसपास की ज़मीन सख़्त और बंजर हो गई। हर साल रेगिस्तान और पास आता लग रहा था।
करीब 1980 में याकूबा ने एक ऐसा फ़ैसला किया जिससे उनके पड़ोसी हैरान रह गए। उन्होंने व्यापार छोड़ दिया और अपना समय ज़मीन बचाने में लगा दिया।
उन्होंने कोई नई मशीन नहीं बनाई। उन्होंने खेती का एक पुराना स्थानीय तरीका लिया, जिसे ज़ाई कहते हैं, और उसे बेहतर बनाया।
ज़ाई कैसे काम करता है
- लंबे सूखे मौसम में सख़्त ज़मीन में छोटे-छोटे गड्ढे खोदें।
- उन्हें गोबर की खाद और दूसरे कचरे से भरें, फिर बीज, फ़सल और पेड़ लगाएँ।
- जब बारिश आती है, तो हर गड्ढा पानी रोक लेता है, और बीजों को सच में उगने का मौका मिलता है।
प्रांत के बहुत से लोग उन्हें पागल समझते थे। गाँव के मुखिया उनका मज़ाक उड़ाते थे। पर याकूबा खोदते रहे।
साल-दर-साल, जहाँ बंजर ज़मीन थी वहाँ पेड़ उग आए। धीरे-धीरे गुर्गा के आसपास की ज़मीन एक जंगल बन गई। राइट लाइवलीहुड फ़ाउंडेशन के अनुसार उसमें पेड़ों और झाड़ियों की 60 से ज़्यादा किस्में हैं।
और उन्होंने अपना तरीका अपने तक नहीं रखा। साल में दो बार वे अपने खेत पर “बाज़ार दिवस” रखते थे, जहाँ कोई भी आकर ज़ाई सीख सकता था। पूरे बुर्किना फ़ासो और उससे बाहर से किसान आए। यह तरीका नाइजर और माली तक फैल गया।
- करीब 1980जिस साल उन्होंने व्यापार छोड़ा
- 60+पेड़ों और झाड़ियों की किस्में
- 77निधन के समय उनकी उम्र
मुश्किल साल
कामयाबी अपने साथ मुसीबतें भी लाई। उनके एक रिश्तेदार ने बोस्टन ग्लोब को बताया कि 2000 के दशक में जंगल में कई बार आग लगाई गई।
फिर एक चुपचाप आने वाला ख़तरा आया। उआहिगुया शहर बढ़ते-बढ़ते उनके गाँव की ओर आ गया, और ज़मीन की एक नई योजना में उनके जंगल और खेतों पर दावा किया गया। 2011 में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि यह योजना उनके पिता की कब्र के भी दो टुकड़े कर देगी।
बाद में ट्री एड नाम की संस्था ने उनके साथ मिलकर जंगल की देखभाल की योजना और ज़मीन के मालिकाना हक़ का एक स्थानीय चार्टर बनाया, ताकि उनकी बनाई चीज़ बच सके।
देर से मिली पहचान
2010 की एक डॉक्यूमेंट्री, The Man Who Stopped the Desert, ने उनकी कहानी सुनाई। 2018 में उन्हें राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड मिला, जिसे अक्सर “वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार” कहा जाता है। 2020 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र का चैंपियंस ऑफ़ द अर्थ सम्मान मिला।
याकूबा सवादोगो का निधन 3 दिसंबर 2023 को उआहिगुया में 77 साल की उम्र में हुआ। आख़िर तक हर साल स्कूली बच्चे, विद्यार्थी और शोधकर्ता उनसे सीखने उनके जंगल आते रहे।
कब क्या हुआ
- उत्तरी बुर्किना फ़ासो के गुर्गा में जन्म।
- पूरे इलाके में सूखा और अकाल।
- ज़मीन को फिर से हरा करने के लिए व्यापार छोड़ा।
- जंगल में कई बार आग लगाई जाती है।
- राइट लाइवलीहुड अवॉर्ड।
- 3 दिसंबर को 77 साल की उम्र में निधन।
यह कहानी ख़ास क्यों है
याकूबा ने पैसे, इजाज़त या किसी बिल्कुल नए आविष्कार का इंतज़ार नहीं किया। तरीका पहले से मौजूद था। उन्होंने उसे बेहतर बनाया, अपनी ज़मीन पर उसे साबित किया, और पेड़ों को ख़ुद बोलने दिया।
हम क्या सीख सकते हैं
जो पहले से काम करता है, उसे बेहतर बनाएँ
ज़ाई एक पुराना स्थानीय तरीका था। याकूबा ने उसमें खाद और पेड़ जोड़े।
यह आज़माएँ: कुछ नया बनाने से पहले पूछें कि आसपास क्या पहले से काम कर रहा है, और आप उसमें कौन-सी एक चीज़ जोड़ सकते हैं।
पहले छोटे स्तर पर साबित करें
उन्होंने बहस करने के बजाय अपनी ज़मीन पर अपने विचार आज़माए।
यह आज़माएँ: इस हफ़्ते एक सस्ता प्रयोग चुनें। लिखें कि आपने क्या किया और क्या हुआ।
आलोचकों को नतीजों से जवाब दें
सालों तक उनका मज़ाक उड़ा। उन्हें बहस जीतने की ज़रूरत नहीं पड़ी, क्योंकि पेड़ उग आए।
यह आज़माएँ: जब कोई आप पर शक करे, तो बहस न करें। तीन महीने बाद कोई आँकड़ा या फ़ोटो लेकर लौटें।
जो जानते हैं, वह सिखाएँ
उनके बाज़ार दिवसों ने एक खेत को ऐसा तरीका बना दिया जो सरहदों के पार इस्तेमाल होता है।
यह आज़माएँ: कोई एक काम लिखें जिसमें आप माहिर हैं, और इस महीने किसी एक इंसान को वह सिखाएँ।
जो बनाया है, उसकी रक्षा करें
आग और ज़मीन की एक योजना से उनका जंगल लगभग छिन गया था। ज़मीन के लिखित चार्टर ने उसे बचाने में मदद की।
यह आज़माएँ: जाँचें कि आपके कारोबार, अनुबंधों या संपत्ति का मालिकाना हक़ और समझौते कागज़ पर हैं।
जंगल एक लंबी आदत है: एक गड्ढा खोदिए, एक बीज बोइए, और तब तक दोहराइए जब तक शक करने वाले ख़ुद छाँव में न खड़े हों।
स्रोत (अंग्रेज़ी में)
- Right Livelihood FoundationThe man who stopped the desert receives 2018 award
- The Boston Globe, 23 Dec 2023Obituary: the farmer who held back the desert
- IPS News, 2011Report on his forest and the land dispute
- Tree AidYacouba Sawadogo: a great defender of nature
तथ्य-जाँच नोट: जंगल के आकार को लेकर स्रोतों में मतभेद है, लगभग 15 से 40 हेक्टेयर तक, इसलिए कोई एक आँकड़ा नहीं दिया गया है। “हमारी राय” वाली पंक्तियाँ हमारी अपनी व्याख्या हैं। बाकी सब ऊपर दिए स्रोतों से है।
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